किसी के पैरों में गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर है
मुश्किलों से घबरा के मंजिल दूर नहीं होती
कितना प्यार करते है तुमसे ये कहाँ नहीं जाता,
जिसके हो भी नही सकते उसके हो रहे हैं हम।।
ना शिकायत है ना कोई गिला,बस अब अकेले जीना भी लगने लगा है सिला।
फर्क बस इतना है कि कोई समय पर समझ जाता है,
निगाहों में वही लोग हैं बसते जिनके लिए हम तरसते।
में तबा हूँ तेरे प्यार में तुझे दूसरों का ख्याल है
ये चांद की मोहब्बत थी जो पाकीज़ा बनकर धरती पर उतरी थी l
मैंने तो अपना ही प्यार किसी और का होते देखा है!
कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत
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⏳ मैं नहीं जानता इस दुनिया में कब तक हूँ,